Saturday, December 10, 2016

श्रावस्ती : मृतक शिक्षक के परिवार को की 1 करोड़ के मुआवजे की मांग व आश्रित को नौकरी, पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो घेरेंगे सीएम आवास, सौंपा ज्ञापन

परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
पुरानी पेंशन बहाल नहीं हुई तो सीएम आवास का करेंगे घेराव
मृतक शिक्षक के परिवार को मिले एक करोड़ की सहायता
श्रावस्ती : पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर लाठी चार्ज होने से एक शिक्षक की मौत की घटना को सरकार का निंदनीय कृत्य बताते हुए विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम ओपी सिंह को सौंपा। 1संगठन के संरक्षक नंदकुमार पाठक व संदीप कुमार शांडिल्य ने कहा कि लाठी चार्ज कर शिक्षक की हत्या की गई है। संगठन इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराता है। उन्होंने कहा 11 अगस्त से 16 अगस्त तक लखनऊ में शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन के बाद पुरानी पेंशन बहाली पर अमल करने के लिए एसीपी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की लिखित सहमति दी गई थी। सरकार अपने वायदे को पूरा करती तो शिक्षक की बेरहमी से मौत न होती। जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों व वादकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए तथा घटना की न्यायिक जांच कराई जाए। उपाध्यक्ष पंकज पांडेय व राकेश चौधरी ने मृतक शिक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। महामंत्री आशुतोष आजाद ने कहा कि एसीपी की अध्यक्षता वाली समिति के साथ बैठक में बनी सहमति को लागू करते हुए तत्काल पुरानी पेंशन बहाली का शासनादेश जारी हो। मीडिया प्रभारी अमित चंद मिश्र ने कहा कि शीघ्र इन मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो लाखों शिक्षक मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करने को बाध्य होंगे। इस दौरान सुरेंद्र नाथ, वैभव शुक्ल, राजेश मिश्र, आफताब अहमद व रामकरतार राना आदि रहे।

Wednesday, December 7, 2016

छात्र - छात्राओं ने बताया शिक्षा का अधिकार, RTE मेले आयोजित

छात्र-छात्रओं ने बताया शिक्षा का अधिकार, मेले आयोजित
श्रावस्ती: जमुनहा विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भवनियापुर में छात्र-छात्रओं की ओर से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जागरूकता के लिए मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल में चल रही शिक्षण गतिविधियों की झलक लोगों को दिखाया गया। पठन-पाठन के साथ अन्य सामाजिक कार्यो में भी परिषदीय विद्यालयों के छात्र रुचि लेकर अपना योगदान दे सके, इसके लिए उनमें विशेष पद्धति से क्षमता विकास किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायत व न्याय पंचायत स्तर पर आरटीइ मेला लगाया जा रहा है। मेले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावकों को भी बुलाया जाता है। विद्यालय परिसर में मेला आयोजित करने के लिए शिक्षकों के देखरेख में साज-सज्जा की जिम्मेदारी बच्चों को सौंपी जाती है। जमुनहा के प्राथमिक विद्यालय भवनियापुर में लगे मेले में भीड़ उमड़ी बीएसए शाहीन ने बताया कि ग्राम पंचायत व न्याय पंचायत स्तर का मेला समाप्त होने के बाद जनपद स्तर पर नन्हें बच्चों का आरटीइ मेला लगाया जाएगा।

Friday, December 2, 2016

धरना अपडेट- विशाल श्रीवास्तव

साथियों आज जो बात लिख रहा हूँ वो प्रदेश सचिव विशाल श्रीवास्तव नहीं बल्कि एक आम अनुदेशक के नाते लिख रहा हूँ शायद मेरी इन बातो को आप लोग पढ़कर मेरा विरोध करे  खैर इस बात का मुझे अब कोई ग़म नहीं ।
सबसे पहले घर पर बैठे अनुदेशक साथियों की जय हो वाह मेरे भाइयों और बहनों घर बैठकर तमाशा देखते रहिये यहाँ संगठन सबके मान,सम्मान और वजूद को बचाने के लिये संघ ने 29 तारीख से अनिश्चित कालीन धरने का आगाज कर चुका है लेकिन अभी तक अनुदेशक संख्या बल का नामोनिशान तक नहीं है ,संगठन हमारे और आपके  लिये अनवरत व अथक प्रयाश कर रहा है की इसी चुनावी समय मे कुछ मांगो पर सरकार मोहर लगा दें ।परंतु जो घर बैठकर और संगठन पर आरोप लगाकर बैठे और इंतजार कर रहे जब सबका कुछ होगा तो हमारा क्यों नहीं मै उन साथियों से कहना चाहता हूँ,जिस दिन अनुदेशको का वजूद ख़त्म हो जायेगा उस दिन क्या करोगे आप, इसलिय अभी भी समय है घर,परिवार,और विद्यालय का मोह छोड़कर सिर्फ गिनती मे कुछ दिन के लिय संगठन का साथ दें दीजिये और अगर आप लोगों ने साथ दें दिया तो संगठन आपको विश्वास दिलाता है किसी की औकात नहीं है की अनुदेशको को अनदेखा कर सके इसलिय क्रंतिकारी अनुदेशक साथियों विद्यालय से संघर्ष स्थल पर अयईयो और अपने अधिकारों प्राप्त कर लीजिये क्यों की राज्य सरकार इस समय सिर्फ और सिर्फ संख्या बल देख कर वार्ता के बुलवा रही है ।और उन्हे कुछ ना कुछ दें रही है ।आप जिस तन्मयता और लगन के साथ हम लोग विद्यालय मे अपने कार्य का निष्पादन कर रहे है उसी प्रकार से आप लोग धरने मे आकर अपने कर्तव्यों का निष्पादन करे यही विनती  और निवेदन है आप सभी से बाकी आप की मर्जी ।8470 तो मिल ही रहा है ।
मेरे साथियों माफ करियेगा लिखना ज़रूरी था इसलिय इतनी बाते लिखी क्यों की अब शर्म आती है जब माध्यमिक विद्यालयों के कंप्यूटर अनुदेशक मात्र 4000 हजार की संख्या होने बौजूद उनकी माँगे पूरी हो जाती है हम लोग तो लगभग 32000 हजार है ।
           धन्यवाद
                        आपका साथी
              अरविन्द गुप्ता (9450428439)
                    अनुदेशक संघ श्रावस्ती